Skip to main content

Ad

कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने भारत में कोरोना महामारी रोकने के दिए ये 3-4 उपाय, पढ़िए विस्तार से !

Rahul Gandhi
Rahul Gandhi Holds Press Conference on 28 May 2021


कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से आज एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा की, मैंने और बहुत सारे लोगों ने सरकार को कोरोना की चेतावानी दी; एक बार नहीं बल्कि निरंतर यह चेतावनी दी गयी। लेकिन सरकार ने हमारा मजाक उड़ाया; प्रधानमंत्री ने इस पर विजय की घोषणा तक कर दी थी, दिक्कत यह है कि सरकार को और प्रधानमंत्री को कोरोना समझ ही नहीं आया और आज तक नहीं समझ आया है; कोरोना सामान्य बीमारी नहीं है बल्कि स्वरूप बदलती हुई बीमारी है; जितना समय इसे देंगे, यह उतनी खतरनाक होगी, मैंने पिछले साल फ़रवरी में कहा कि, जगहों को बंद कीजिए, कोरोना को आप समय मत दीजिए। दरवाजे बंद कर दीजिए। लेकिन सुना ही नहीं गया, कोरोना को रोकने का क्या तरीका है? कोरोना आक्रमण कैसे करता है? जिन लोगों के पास भोजन नहीं है, जो कमजोर हैं, उन पर यह आक्रमण करता है, यानी हिन्दुस्तान के गरीब तबके को ये सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, कोरोना को रोकने के तीन-चार तरीके हैं:


- सबसे पहला और स्थायी तरीका है -वैक्सीन

- लॉकडाउन हथियार है लेकिन उससे लोगों को कष्ट होता है, दुःख होता है   

- सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क भी अस्थायी तरीके हैं

अगर आपने टीकाकरण जल्द नहीं किया तो वायरस आपकी पकड़ से बाहर हो जाएगा; अगर आप वायरस को हिंदुस्तान में आने देंगे, फैलने देंगे, रोकेंगे नहीं तो यह अपना स्वरूप बदलता जाएगा, वैक्सीन की नीति को लेकर मैंने प्रधानमंत्री को लिखा था कि अगर वैक्सीन की नीति को समय रहते ठीक नहीं किया, तो एक बार नहीं अनेक बार लोग मरेंगे; कोरोना की कई लहरों का सामना करना पड़ सकता है, अब स्थिति क्या है? कुछ समय पहले मैंने देखा कि हमारे विदेश मंत्री भाषण दे रहे हैं कि हिन्दुस्तान ने अपना नाम बना लिया है; अलग-अलग देशों को हमने वैक्सीन दी; वैक्सीन पर राजनीति कर रहे हैं, आज स्थिति क्या है? आपने केवल हिन्दुस्तान की 3% आबादी का टीकाकरण किया है; मतलब 97% आबादी को कोरोना हो सकता है; आपने संकट के लिए दरवाजे खोल रखे हैं और अभी भी आप उन्हें बंद करने के लिए कुछ नहीं कर रहे हो, हम वैक्सीन कैपिटल हैं; यहाँ पर मैं आपको कहना चाहता हूँ कि यह जो दूसरी लहर है वह प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है; दूसरी लहर का कारण ही प्रधानमंत्री जी की नौटंकी है, 

 

WATCH LIVE: Congress Leader Rahul Gandhi Holds an Important Press Conference about GOI’s Covid vaccine disaster From Delhi, India | 28th May, 2021



Rahul Gandhi Speaks on Covid19 Vaccine disaster in India !

Comments

Popular posts from this blog

डिंडोरी सहायक कलेक्टर Srushti Jayant Deshmukh ने मलेरिया जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी !

IAS Srushti Jayant Deshmukh in Collectorate Dindori सहायक कलेक्टर ने मलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया #MPFightsCorona सहायक कलेक्टर सुश्री सृष्टि जयंत देशमुख ने सोमवार को कलेक्टोरेट कार्यालय में मलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मलेरिया जागरूकता रथ जिलें में भ्रमण कर लोगो को मलेरिया के प्रति जागरूकता का संदेश देगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 आर.के. मेहरा सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर श्री बी. कर्तिकेयन Dindori, Collector कलेक्टर श्री बी. कर्तिकेयन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई वनाधिकार पत्रों की कार्यशाला #MPFightsCorona डिंडौरी जिलें में वनाधिकार पत्रों के संबंध में आगामी कार्ययोजना तैयार करने के लिए कलेक्टर श्री बी. कर्तिकेयन की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलें में वनाधिकार हक प्रमाण-पत्र के संबंध में बताया गया कि ग्राम वन अधिकार समिति द्वारा परीक्षण, स्थल परीक्षण सत्यापन एवं अनुशंसा 5 जून तक की जायेगी। ग्राम सभाओं से संकल्प पारित 10

Pandit Dev Prabhakar Shastri Dadda Ji's Biography | दद्दा जी का संक्षिप्त जीवन बृत !

Pandit Dev Prabhakar Shastri Dadda Ji ग्रहस्थ संत पं देव प्रभाकर शास्त्री परम पूज्य दद्दा जी का संक्षिप्त जीवन बृत -------------------------------------------------------------- परम् पूज्य दद्दा जी का जन्म अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व 19 सितम्बर 1937 को हुआ, अतः प्रति वर्ष तिथि के अनुसार अनंन्त चतुर्दशी को ही जन्म दिवस मनाया जाता है। तत्कालीन जिला जबलपुर तहसील सिहोरा ( म. प्र) के ग्राम कूंडा (मर्दांनगढ़) के साधारण किसान परिवार में पिता श्री गिरधारी दत्त जी त्रिपाठी एवं पूज्य मां ललिता देवी के यहाँ 19 सितम्बर 1937 अनंत चतुर्दशी को जन्में श्री देव प्रभाकर त्रिपाठी जिन्हें आज लाखों लाख सम्पूर्ण दद्दा शिष्य परिवार, भक्तगण, एवं श्रद्धालु जन बड़ी श्रद्धा से दद्दा जी नाम से संबोधित करते हैं। दुर्भाग्य वश जब पूज्य दद्दा जी लगभग 8 वर्ष के थे, विक्रम संवाद 2001चैत्र की अमावश्या,1अप्रेल 1946 को पिता पं गिरधारी दत्त जी गौलोक धाम को गमन कर गये, इस संकट की घड़ी में माँ ललिता देवी ने कठोर परिश्रम से कृषि कार्य एवं शिष्य परिवारों में भिक्षाटन कर दद्दा जी को सुशिक्षित करा अपनेँ लक्

Srushti Jayant Deshmukh ने डिंडोरी जिले के जनपद बजाग क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया !

Srushti Jayant Deshmukh, IAS During Her Inspection Tour in Dindori पोषण पुनर्वास केन्द्र बजाग में अतिम कम वजन के बच्चों का हो रहा उपचार कलेक्टर ने जनपद बजाग क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण #MPFightsCorona कलेक्टर श्री बी. कार्तिकेयन ने बुधवार को पोषण पुनर्वास केन्द्र बजाग का निरीक्षण कर पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती बच्चों का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। बच्चों को दूध, नाष्ता, भोजन एवं दवाईयां समय-समय पर दी जाए। जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके। कलेक्टर ने जनपद पंचायत बजाग क्षेत्र में चिन्हांकित किये गए अति कम वजन के बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कर उनका उपचार करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा, सहायक कलेक्टर सुश्री सृष्टि जयंत देशमुख (Srushti Jayant Deshmukh), सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग डॉ. अमर सिंह उईके, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री

किरोड़ी लाला मीणा का सीमेंट फैक्ट्री आंदोलन, सवाईमाधोपुर - 12 December 1988

Kirodi Lal Meena injured while protesting in cement factory of Sawai Madhopur in 1988 सीमेंट फैक्ट्री आंदोलन,सवाईमाधोपुर में पुलिस कार्यवाही का "काला दिन" दिनांक 12 दिसंबर 1988 ************************************************ सांसद किरोड़ी लाल मीणा जी की कलम से लिखा हुआ लेख पढ़िए  12 दिसंबर 1988 को घटित हुई सीमेंट फैक्ट्री आंदोलन, सवाईमाधोपुर की घटना को आज 31 वर्ष बीत गए। ये एक ऐसा दौर था जब सीमेंट फैक्टरी बन्द होने के कारण बेरोजगार हुए हजारो मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन चल रहा था और मैं उस समय राजनीति में युवा था और संघर्ष करने का जज्बा आपातकाल के समय ही सीख लिया था, वर्ष 1985 मैं महवा विधानसभा तत्कालीन सवाईमाधोपुर जिले से चुनकर विधानसभा में पहुँचा था और इस आंदोलन की आहट मेरे कानों में जैसे ही आनी शुरू हुई मैं अपने आप को नही रोक सका और जो संघर्ष की सीख मैंने कॉलेज की राजनीति से सीखी थी वो मुझे सीमेंट फैक्ट्री आंदोलन में खींच लाई और हजारो की संख्या में आन्दोलनकारी सीमेंट फैक्ट्री को पुनः शुरू कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ जोर शोर से आंदोलन कर रहे थे और र

Ad