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पुलवामा के शहीदों को अब तक पैसा क्यों नहीं दिया गया? "भारत के वीर" फण्ड का ₹250 करोड़ कहाँ गया ?

Jaiveer Shergill Press Conference on 1st Year of Pulwama Incident at AICC Office भाजपा का ध्यान केवल वोट सुरक्षा पर है, राष्ट्रीय सुरक्षा पर नहीं। वो वोट के लिए सैनिकों के खून और बलिदान का उपयोग करने के लिए दोषी हैं देश आज पुलवामा हमले से जुड़े सवालों के जवाब का इंतजार कर रहा है, लेकिन जवाब तो आए नहीं...जवानों के हितों से जुड़ा एक घोटाला जरूर सामने आया है केंद्र सरकार ने शहीदों के परिवारजनों की सहायता के लिए "भारत के वीर" नाम से एक फण्ड की स्थापना की। पुलवामा हमले के बाद देशवासियों ने सुरक्षा बलों के सम्मान की खातिर 12 गुना ज्यादा चंदा दिया। 18 जुलाई 2019 तक इस फण्ड में ₹250 करोड़ जमा थे इस फण्ड की मीटिंग खुद गृह मंत्री AmitShah करते हैं और ये सीधे गृह मंत्रालय के तहत आता है। पुलवामा हमले के शहीदों के परिवारजनों को एक रुपया तक नहीं दिया गया। कई सैनिकों के परिवारजनों को भाजपा सरकार ने ठगा है हरियाणा के हरि सिंह जी ने पुलवामा में शहादत दी। इनके परिवारजनों को ₹50 लाख देने का वादा भाजपा ने किया था। ऐसा ही शहीद कौशल कुमार रावत जी और महेश यादव जी के परिजनों

धारा 370 हटाने के बाद बोले मोदी - जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक नए युग की शुरुआत हुई है !

PM Narendra Modi Address To Nation After Revoking of Artcile 370 जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा की - हमारे देश में कोई भी सरकार हो, वो संसद में कानून बनाकर देश की भलाई के लिए कार्य करती है।   किसी भी दल या गठबंधन की सरकार हो, ये कार्य निरन्तर चलता रहता है, कानून बनाते समय काफी बहस होती है उसकी आवश्यकता को लेकर गंभीर पक्ष रखे जाते हैं। इस प्रक्रिया से गुजरकर जो कानून बनता है,वो पूरे देश के लोगों का भला करता है। लेकिन कोई कल्पना नहीं कर सकता कि संसद इतनी बड़ी संख्या में कानून बनाए और वो देश के एक हिस्से में लागू ही नहीं हों, देश के अन्य राज्यों में सफाई कर्मचारियों के लिए सफाई कर्मचारी एक्ट लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के सफाई कर्मचारी इससे वंचित थे। देश के अन्य राज्यों में दलितों पर अत्याचार रोकने के लिए सख्त कानून लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसे कानून लागू नहीं होते थे, जो पहले की सरकारें कानून बनाकर वाहवाही लूटती थीं, वो भी ये दावा नहीं कर पाती थीं कि उनका कानून जम्मू कश्मीर में भी लागू होगा। उन कानूनों के लाभ

भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था रद्दी हो चुकी है, बीमा का प्रोपेगैंडा और रद्दी करेगा - रवीश कुमार

भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था रद्दी हो चुकी है, बीमा का प्रोपेगैंडा और रद्दी करेगा आने वाले दिनों में भारत का मीडिया आपको कश्मीर का एक्सपर्ट बनाने वाला है। पहले भी बनाया था मगर अब नए सिरे से बनाएगा। मैं उल्लू बनाना कहूंगा तो ठीक नहीं लगता इसलिए एक्सपर्ट बनाना कह रहा हूं। भारत की राजनीति बुनियादी सवालों को छोड़ चुकी है। वह हर महीने कोई न कोई थीम पेश करती है ताकि आप उस थीम के आस-पास बहस करते रहें। मैं इसे समग्र रूप से हिन्दू मुस्लिम नेशनल सिलेबस कहता हूं। आप किसी भी राजनीतिक पक्ष के हों मगर इसमें कोई शक नहीं कि मीडिया ने आपको राजनीतिक रूप से बर्बाद कर दिया है। प्रोपेगैंडा से तय किया जा रहा है कि हमारे मुल्क की वास्तविकता क्या है। भारत का नाम योग में पहले भी था और आज भी है। 70 के दशक की अमरीकी फिल्म देख रहा था। उसके एक सीन में प्रातकालीन एंकर योग के बारे में बता रही है। योग की बात करने में कोई बुराई नहीं है, मैं ख़ुद भी योग करता हूं मगर योग और बीमा को स्वास्थ्य सुविधाओं का विकल्प समझ लेना राष्ट्रीय मूर्खता से कम नहीं होगा। 2005 से भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय एक नेशनल हेल्थ प

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